गुजरात में साइबर सुरक्षा को नई दिशा: ‘कनड शील्ड’ हैकाथॉन-2026 में युवाओं और स्टार्टअप्स को मिला बड़ा मंच.

गांधीनगर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने और गुजरात पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के उद्देश्य से अहमदाबाद साइबर क्राइम द्वारा ‘कनड शील्ड’ साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन-2026 का आयोजन अहमदाबाद स्थित KCG कैंपस (i-Hub Gujarat) में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने की।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि “यह हैकाथॉन केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में गुजरात पुलिस को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में पारंपरिक अपराधों की तुलना में साइबर अपराधों का प्रमाण तेजी से बढ़ने की संभावना है। साइबर अपराध अब केवल गुजरात या भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक चुनौती बन चुके हैं। ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सरकार, पुलिस, तकनीकी विशेषज्ञों, युवाओं और निजी क्षेत्र के बीच साझा प्रयास जरूरी हैं।
युवाओं और स्टार्टअप्स को मिला इनोवेशन का अवसर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट्स में कॉरपोरेट कंपनियों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन कनड शील्ड हैकाथॉन-2026 के माध्यम से देशभर के युवाओं, स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स को अपने मौलिक विचार एवं सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसे तकनीकी समाधान विकसित करना है, जिन्हें वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के काम में उपयोग किया जा सके।
AI आधारित CCTV सिस्टम पर विशेष चुनौती
हर्ष संघवी ने पुलिस व्यवस्था में तकनीक के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में CCTV कैमरों से विजुअल फुटेज प्राप्त होती है, लेकिन अब Artificial Intelligence (AI) आधारित Automated Software System विकसित करना समय की आवश्यकता है।
राज्य के विभिन्न CCTV नेटवर्क को एकीकृत कर AI आधारित सिस्टम विकसित करने के लिए ₹51 लाख की विशेष चुनौती रखी गई है। इस सिस्टम के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और अपराध की रोकथाम में पुलिस को तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।
विजेताओं को सरकार के साथ काम करने का अवसर
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हैकाथॉन केवल पुरस्कार राशि तक सीमित नहीं रहेगा। विजेता युवाओं और उनके स्टार्टअप्स को भविष्य में गुजरात सरकार के साथ सीधे जुड़कर काम करने का अवसर मिले, इस दिशा में भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
उन्होंने गुजरात के टेक-सेवी युवाओं से इस साइबर चैलेंज में भाग लेने और ‘विकसित गुजरात’ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्य के पुलिस प्रमुख जी. एस. मलिक, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार, अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत, गृह सचिव निपुणा तोरवणे, अहमदाबाद रेंज आईजी राघवेंद्र वत्स, जेसीपी क्राइम ब्रांच शरद सिंघल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, i-Hub के प्रतिनिधि, IT विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
गुजरात हेड: प्रणव पटेल

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