मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में बारिश की स्थिति का जायजा लेने के लिए देर रात एसईओसी में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.

रिपोर्ट : प्रणव पटेल गुजरात।
मुख्यमंत्री ने रात्रि के दौरान बारिश होने पर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहकर स्थिति पर सतर्कतापूर्वक नजर बनाए रखने के निर्देश दिए.
गांधीनगर से,मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार देर रात स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) पहुंचे और मौसम विज्ञान विभाग और प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से राज्य में बारिश के हालात का ब्योरा हासिल किया।
मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने आने वाले समय में पूरे राज्य में व्यापक बारिश की संभावना को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
भूपेंद्र पटेल ने विशेषकर दक्षिण गुजरात के जिलों में शाम 6 से 8 बजे तक हुई बारिश तथा अहमदाबाद के धोलका तथा खेड़ा जिले के मेहमदाबाद और मेहसाणा जिले में हुई बारिश की विस्तार से जानकारी हासिल की।

उन्होंने रात्रि के दौरान बारिश होने पर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहकर स्थिति पर सतर्कतापूर्वक नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सभी जिलों के साथ हॉटलाइन के जरिए लगातार संपर्क में है।
इस बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 4 टुकड़ियां दक्षिण गुजरात पहुंच चुकी हैं। उनमें से 2 वलसाड और 1 नवसारी भेजी गई हैं जबकि 1 टुकड़ी को सूरत में स्टैंडबाय रखा गया है।
ये टीमें राहत और बचाव कार्य के उपकरणों और बोट के साथ जिला प्रशासन की मदद करेंगी। इतना ही नहीं, सौराष्ट्र के जिलों में भी एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें रखी गई हैं।
आज दिन के दौरान दक्षिण गुजरात में 352 लोगों का रेस्क्यू किया गया और नवसारी तथा वलसाड में 22 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति को लेकर भी जानकारी प्राप्त की।
मुख्य सचिव एम.के. दास ने इस बैठक में कहा कि राज्य का समूचा प्रशासन पर्याप्त मशीनरी, मैनपावर और साधन-सामग्री के साथ तैयार है।
मुख्यमंत्री ने बारिश के बंद होने और पानी उतरने के फौरन बाद साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत और स्वास्थ्य संबंधी उपाय करने के भी निर्देश दिए।
