पंचमहाल के अंतिम छोर तक पहुंचा विकास, सड़क-बिजली-पानी और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार,

छोर तक पहुंच रहा विकास: पंचमहाल के दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार

पंचमहाल। पंचमहाल जिले के शिवराजपुर, घोघंबा तथा बोडेली-छोटाउदेपुर और पंचमहाल जिले को जोड़ने वाले सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में सरकार की ओर से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। विशेष रूप से गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों के आसपास बसे लोगों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए सिंगल लेन डामर सड़कों का निर्माण किया गया है।

बोडेली, शिवराजपुर, गांववाव और चारवड सहित विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों का विस्तार जांबुघोड़ा और आसपास के वन क्षेत्रों तक किया गया है। पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरने वाली इन सड़कों से दूर-दराज में रहने वाले परिवारों के लिए आवागमन और परिवहन की सुविधा पहले की तुलना में आसान हुई है। दैनिक जरूरतों की वस्तुओं तक पहुंच और बाजारों से जुड़ाव भी बेहतर हुआ है।

अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर

सरकार की विकास नीति का उद्देश्य शहरों और बड़े गांवों तक सीमित न रहकर अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। इन दुर्गम क्षेत्रों में पक्के और कच्चे मकानों के साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाओं का विस्तार दिखाई दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ‘अंतिम छोर तक विकास’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। इसी क्रम में दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां

इन क्षेत्रों में पानी का स्तर अच्छा होने के कारण स्थानीय किसान कृषि कार्य कर रहे हैं। किसान मक्का, सब्जियों सहित विभिन्न फसलों का उत्पादन करते हैं। खेती में आधुनिक ट्रैक्टरों के साथ-साथ कई स्थानों पर पारंपरिक रूप से बैलों का भी उपयोग किया जाता है।

किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए घोघंबा, जांबुघोड़ा और शिवराजपुर जैसे आसपास के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये बाजार कई गांवों से लगभग 20 से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। सड़कों के विकास से कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पशुपालन और शिक्षा को भी मिल रही गति

दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े कार्यों को भी बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीण परिवार कृषि के साथ-साथ दुग्ध पशुओं के पालन से अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं।

वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार से बच्चों और युवाओं को लाभ मिलने लगा है। विशेष रूप से मोबाइल नेटवर्क एवं संचार सुविधाओं के उपलब्ध होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क मजबूत हुआ है। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल जानकारी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो रही है।

प्राकृतिक सुंदरता बनी आकर्षण का केंद्र

डोंगरों, जंगलों और हरियाली से घिरे इन क्षेत्रों में विकास के साथ प्राकृतिक सुंदरता भी लोगों को आकर्षित करती है। पहाड़ी रास्ते, जंगल और ग्रामीण परिवेश इस क्षेत्र को प्राकृतिक दृष्टि से खास बनाते हैं।

कुल मिलाकर, पंचमहाल और आसपास के सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल नेटवर्क, कृषि, पशुपालन और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन में बदलाव का आधार बन रहा है। विकास कार्यों के कारण स्थानीय किसानों, ग्रामीणों और दूरस्थ बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन, रोजगार, खेती और बाजार से जुड़ाव पहले से अधिक सुगम हो रहा है।

विशेष लेख: गुजरात हेड प्रणव पटेल
City Star News

 

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