मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का देर रात स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का औचक दौरा, बारिश की स्थिति की समीक्षा, 16,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया.

गांधीनगर | City Star News
गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश और संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार देर रात गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का औचक दौरा कर राज्यभर की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जिलों में हो रही बारिश, बचाव एवं राहत कार्यों तथा आगामी मौसम पूर्वानुमान पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शनिवार को राज्य के 10 जिलों में मौसम विभाग द्वारा जारी संभावित रेड अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संभावित बाढ़ एवं आपदा की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने अहमदाबाद, सूरत और नवसारी जिलों में आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की सहायता के लिए भारतीय सेना की दो-दो टुकड़ियां तैनात रखी हैं। वहीं, जामनगर, जोधपुर, वडोदरा और पुणे में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
राज्य सरकार की ओर से की गई पूर्व तैयारी और प्रशासन की सतर्कता का सकारात्मक परिणाम भी सामने आया है। अब तक राज्य के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों से 16,500 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है, जबकि 41 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। प्रशासन लगातार निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों तथा जलभराव प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
राज्य में शुक्रवार को कुल 201 तहसीलों में वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक गुजरात में औसतन 61.60 प्रतिशत वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला प्रशासन स्थानीय निकायों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ तथा अन्य राहत एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। साथ ही नागरिकों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास, राजस्व विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि, गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धवल पटेल तथा राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
City Star News नागरिकों से अपील करता है कि भारी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सहायता लें।
