भीनमाल में चातुर्मास के दौरान महंत निर्भयगिरी महाराज का मौन व्रत आरंभ, विश्व शांति और सनातन एकता का लिया संकल्प

भीनमाल | सिटी स्टार न्यूज़ | सतीश सुन्देशा
राजस्थान के भीनमाल शहर में श्रावण मास के शुभ अवसर पर आध्यात्मिक वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया है। शहर के क्षेमकरी माताजी मंदिर के समीप स्थित भीमेश्वर महादेव मठ में पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संत महंत निर्भयगिरी महाराज ने चातुर्मास के पावन पर्व पर अपने मौन व्रत एवं विशेष तपस्या का शुभारंभ कर दिया है। इस तपस्या के दौरान महंत महाराज पूरे चातुर्मास तक मौन रहकर ईश्वर आराधना, ध्यान और लोककल्याण की भावना से साधना करेंगे।
महंत निर्भयगिरी महाराज के शिष्य शिवगिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि यह लगातार तीसरा अवसर है जब महंत निर्भयगिरी महाराज चातुर्मास के दौरान कठोर मौन व्रत धारण कर तपस्या में लीन हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह तपस्या किसी व्यक्तिगत सिद्धि के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज, राष्ट्र और विश्व के कल्याण के उद्देश्य से की जा रही है।

शिष्य शिवगिरी के अनुसार इस विशेष साधना का प्रमुख उद्देश्य विश्व शांति की स्थापना, सनातन धर्म की एकता एवं मजबूती, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की कामना, तथा सभी जीव-जंतुओं की रक्षा और उनके प्रति करुणा का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव लोककल्याण के लिए तप, त्याग और साधना का मार्ग अपनाता रहा है और महंत निर्भयगिरी महाराज भी उसी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। संतों की तपस्या केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं होती, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम भी होती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म प्रेम, सेवा, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है तथा सभी हिंदू एक हैं। समाज में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
शिवगिरी महाराज ने बताया कि चातुर्मास के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ नशा मुक्ति अभियान को भी गति दी जाएगी। युवाओं और आमजन को शराब, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका कहना है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सुधार भी आवश्यक है।
महंत निर्भयगिरी महाराज के मौन व्रत और तपस्या की जानकारी मिलते ही भीमेश्वर महादेव मठ में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त मठ पहुंचकर महंत महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि मौन व्रत के कारण महंत किसी से संवाद नहीं करेंगे, लेकिन श्रद्धालु उनके दर्शन मात्र से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
श्रावण मास और चातुर्मास को सनातन परंपरा में विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस अवधि में साधु-संत एक स्थान पर रहकर तप, जप, ध्यान और धर्म प्रचार के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। भीनमाल में महंत निर्भयगिरी महाराज की यह तपस्या भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और प्रेरणा का केंद्र बन गई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। चातुर्मास की इस तपस्या के दौरान भीमेश्वर महादेव मठ में धार्मिक गतिविधियों का क्रम निरंतर जारी रहेगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सिटी स्टार न्यूज़ इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी अपने पाठकों तक लगातार पहुंचाता रहेगा।
