भव्य कलश शोभायात्रा के साथ कोटड़ी चारभुजा में हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ, शिवमय हुआ पूरा क्षेत्र

सिटी स्टार न्यूज | गुरला/कोटड़ी चारभुजा (भीलवाड़ा)
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गुरला क्षेत्र स्थित कोटड़ी चारभुजा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, मातृशक्ति की भव्य भागीदारी, भगवान शिव की आकर्षक झांकियां और भजन-कीर्तन ने आयोजन को धार्मिक आस्था का विराट स्वरूप प्रदान किया।
सुबह से ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा स्थल तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया तथा भगवान शिव के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मातृशक्ति की आस्था ने बढ़ाई शोभायात्रा की गरिमा
शोभायात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य सैकड़ों महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर एक साथ चलना रहा। रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों में सजी महिलाओं ने भक्ति गीतों और शिव भजनों के साथ नगर भ्रमण किया। श्रद्धालु पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ यात्रा में शामिल हुए। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जलपान और स्वागत की व्यवस्था भी की।
कलश यात्रा केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं थी, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का भी संदेश देती दिखाई दी। महिलाओं की इस सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिव तांडव की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध
इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण कोटा से आई विशेष नाट्य मंडली द्वारा प्रस्तुत भगवान शिव के जीवन पर आधारित आकर्षक झांकियां रहीं। विशेष रूप से शिव तांडव की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, नंदी महाराज और कैलाश पर्वत की जीवंत झांकियों को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
नाट्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव की सजीव प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालु इस प्रस्तुति को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा महोत्सव का हुआ विधिवत शुभारंभ
कलश शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने के बाद वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन, गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन कराया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।
पूरे कथा परिसर को फूलों, ध्वज-पताकाओं और धार्मिक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। कथा मंच पर भगवान शिव परिवार की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
कथा व्यास पं. विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज ने सुनाई प्रथम दिवस की कथा
कथा महोत्सव के प्रथम दिवस पर कथा व्यास परम श्रद्धेय गौवत्स पंडित विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सदाचार, संयम, सेवा, त्याग और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव अत्यंत भोले और करुणामयी हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन के संकट दूर होते हैं तथा उसे सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महाराज ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में शिवपुराण की शिक्षाएं मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे केवल कथा सुनने तक सीमित न रहें, बल्कि उसमें बताए गए आदर्शों को अपने जीवन में भी अपनाएं।
भगवान शिव की भक्ति से दूर होते हैं जीवन के कष्ट
अपने प्रवचन में पंडित विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की उपासना से मनुष्य के जीवन के अनेक प्रकार के दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव नाम स्मरण और शिवपुराण श्रवण के महत्व को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव केवल देवताओं के देव महादेव ही नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि के पालनकर्ता और कल्याणकारी देव हैं। शिव की आराधना मनुष्य के मन को शुद्ध करती है तथा उसे धर्म, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों में अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान
कथा व्यास ने सभी श्रद्धालुओं से कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा श्रवण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से समाज में सद्भावना, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ें तथा धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझें। परिवार सहित कथा श्रवण करने से आने वाली पीढ़ियों में भी धार्मिक संस्कारों का विकास होता है।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
कथा के प्रथम दिवस पर आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और अनुशासन के साथ कथा का श्रवण किया।
कथा समाप्ति के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आरती में भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात रही, जिन्होंने श्रद्धालुओं को बैठने, जल व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
प्रतिदिन होंगे धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति संध्या
श्रीवल्लभ संकीर्तन सेवा संघ, भीलवाड़ा एवं हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव आयोजन समिति, कोटड़ी चारभुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल एवं सायंकाल विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों में रुद्राभिषेक, शिव आराधना, भजन-कीर्तन, शिव महिमा का विस्तृत वर्णन, संगीतमय कथा, भक्ति संध्या तथा अन्य धार्मिक आयोजन शामिल रहेंगे। प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
क्षेत्रवासियों से परिवार सहित धर्मलाभ लेने की अपील
आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित कथा महोत्सव में पहुंचकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें। समिति का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
समिति ने बताया कि कथा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन सहज रूप से कथा का लाभ उठा सकें।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का बना माध्यम
हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। इस प्रकार के आयोजन समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ लोगों को नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कोटड़ी चारभुजा में प्रारंभ हुआ यह कथा महोत्सव आने वाले दिनों में शिवभक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनने जा रहा है। श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था यह दर्शाती है कि भगवान शिव के प्रति लोगों की श्रद्धा आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है, जितनी प्राचीन काल में थी।
सिटी स्टार न्यूज की ओर से सभी श्रद्धालुओं को हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ प्रारंभ हुआ यह दिव्य आयोजन निश्चित रूप से क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बनेगा।
