सीजेपी का प्रदर्शन ऐतिहासिक: अन्ना आंदोलन के साथ तुलना से लेकर आपातकाल तक पर क्या बोले योगेंद्र यादव.
दिल्ली : नेमीचौहान
नॉर्थ मीडिया हेड
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन जारी है
सोमवार को संसद चलो मार्च के दौरान सीजेपी समर्थकों को पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सामना करना पड़ा.
इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई जो राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है.
इस सबके बावजूद सीजेपी के समर्थक दोबारा जंतर-मंतर पर जम गए और उनका विरोध प्रदर्शन जारी है.
दूसरी ओर बीजेपी का कहना है कि वो संसद में नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार है.
इस प्रदर्शन के भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी ये अभी तक साफ़ नहीं है, लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान मंच पर दिखे वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव इस पूरे आंदोलन को ऐतिहासिक मानते हैं.
50 साल पुराने आंदोलन से तुलना
प्रदर्शनकारीइमेज स्रोत,Getty Images
इमेज कैप्शन,21 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान सीजेपी समर्थकों पर लाठीचार्ज हुआ
योगेंद्र यादव कहते हैं कि आज से 50 साल पहले साल 1974 में इस देश में युवाओं का एक आंदोलन हुआ था जिसको कई लोग जेपी आंदोलन कहते हैं, जहां युवा लोग शिक्षा, रोज़गार के सवाल पर सड़कों पर उतर आए थे. सरकार इनके सवालों को सुनने को तैयार नहीं थी, तो फिर उन्होंने कहा सरकार बदलनी है.
“50 साल बाद देश में फिर युवा इस देश की पॉलिटिक्स, इस देश की डेवलपमेंट्स पर नेशनल एजेंडा के सेंटर में है. शिक्षा और रोज़गार का सवाल जो कि केंद्र में होना चाहिए था वो किसी तरह से अब केंद्र में आया है. उसके साथ कहीं न कहीं जो तानाशाही धीरे-धीरे देश में आ रही है, उसको पंक्चर करने की गुंजाइश बननी शुरू हुई है. इस लिहाज़ से 20 (जुलाई) तारीख़ को जो दिल्ली में हुआ वो ऐतिहासिक चीज़ थी.
