वडतालधाम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 75 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद,

वडतालधाम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 75 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, धोलेरा महोत्सव का निमंत्रण रथ रवाना

वडताल (गुजरात)

गुजरात के प्रसिद्ध वडतालधाम में श्री स्वामीनारायण संप्रदाय द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही देशभर से हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े। पूरा वडतालधाम “जय स्वामीनारायण” के जयघोष और भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिया। आयोजन में लगभग 75 हजार श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया, जबकि आगामी धोलेरा 20वीं शताब्दी महोत्सव के लिए विशेष निमंत्रण रथ भी रवाना किया गया।

महोत्सव की शुरुआत भव्य सजावटी आरती से हुई। इसके पश्चात आचार्य श्री राकेश प्रसादजी महाराज ने श्री हरिकृष्ण महाराज की विशेष पूजा-अर्चना एवं पादुका पूजन कर समस्त श्रद्धालुओं के कल्याण की प्रार्थना की। पूजा विधि मंदिर के भूदेव धीरेनभाई भट्ट द्वारा संपन्न कराई गई।

इसके बाद कलाकुंज मंदिर की ओर से पवित्रानंद स्वामी सभागार में भव्य कीर्तन-भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सद्गुरु श्री नीलकंठ चरणदासजी स्वामी (गादी स्थान जेतपुर) द्वारा प्रस्तुत गुरु पूर्णिमा कथा रही।

अपने प्रेरणादायी प्रवचन में सद्गुरु नीलकंठ चरणदासजी स्वामी ने कहा कि भगवान के चरित्रों का चिंतन, नाम-स्मरण और ध्यान ही जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने बताया कि चिंतामणि ग्रंथ में वर्णित भगवान के दिव्य चरित्रों का अध्ययन और गायन प्रत्येक भक्त के जीवन में प्रेम, भक्ति और आत्मिक शांति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि भक्ति, मुक्ति से भी श्रेष्ठ है और भगवान के नाम एवं स्वरूप में कोई भेद नहीं है।

इस अवसर पर गुजरात सरकार के मंत्री कमलेशभाई पटेल, विधायक पंकज देसाई, भाजपा महासचिव अजय ब्रह्मभट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों ने आचार्य श्री और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सभा भवन में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में वडताल मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. संत वल्लभदासजी स्वामी, कोठारी देवप्रकाशदासजी स्वामी, ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य तथा विभिन्न मंदिरों से पधारे संतों एवं ब्रह्मचारियों का पुष्पों से सम्मान किया गया। इसके बाद संप्रदाय के हजारों श्रद्धालुओं ने अपने गुरु आचार्य श्री राकेश प्रसादजी महाराज का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने आशीर्वचन में आचार्य श्री राकेश प्रसादजी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु वंदना का पर्व नहीं, बल्कि भगवान श्री हरिकृष्ण महाराज की कृपा प्राप्त करने का दिव्य अवसर है। उन्होंने बताया कि स्वामीनारायण संप्रदाय की गुरु परंपरा भगवान श्रीहरि द्वारा स्थापित सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें त्याग, सेवा, भक्ति और धर्म का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिक्षापत्री के आदर्शों का पालन करने तथा समाज में सदाचार एवं सेवा की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

महोत्सव के दौरान आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले धोलेरा 20वीं शताब्दी महोत्सव के लिए विशेष निमंत्रण रथ को विधिवत रवाना किया गया। आचार्य श्री ने सभी हरिभक्तों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया।

पूरे दिन चले धार्मिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन, कथा, संत सम्मान एवं महाप्रसाद वितरण के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत सफल एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ। वडतालधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ ने एक बार फिर स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास का परिचय दिया।

सिटी स्टार न्यूज़ | रिपोर्ट: प्रणव पटेल, गुजरात हेड

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