आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर में उमड़ा आस्था का महासागर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपत्नीक की विठ्ठल-रुक्मिणी की शासकीय महापूजा
धाराशिव जिले के माने दंपती बने इस वर्ष के मानकरी वारकरी, पंढरपुर में 20 से 25 किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार
पंढरपुर, महाराष्ट्र। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र पंढरपुर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शनिवार, 25 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पत्नी के साथ पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में भगवान पांडुरंग की विधि-विधान से शासकीय महापूजा की।
आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर हर वर्ष होने वाली इस शासकीय महापूजा को लेकर लाखों श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस वर्ष शासकीय महापूजा के लिए धाराशिव जिले को मान का बहुमान प्राप्त हुआ। धाराशिव जिले के कळंब तालुका स्थित गौरगांव के निवासी माने दंपती को इस वर्ष के मानकरी वारकरी के रूप में महापूजा में शामिल होने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने विठुराया से की राज्य में अच्छी बारिश की प्रार्थना
महापूजा के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पंढरपुर के विठ्ठल मंदिर में आने के बाद एक अलग तरह की ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव होता है। उन्होंने भगवान विठ्ठल से महाराष्ट्र में सर्वत्र अच्छी बारिश होने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों और आम नागरिकों के लिए वर्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विठुराया से राज्य में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की युवा पीढ़ी को सही दिशा और प्रेरणा मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान विठ्ठल का आशीर्वाद प्राप्त हो।
पंढरपुर में भक्ति का महासागर
आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर में देशभर से लाखों वारकरी और श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही विठ्ठल नाम के जयघोष से पूरा पंढरपुर भक्तिमय नजर आया।
‘ज्ञानबा-तुकाराम’ और ‘विठ्ठल-विठ्ठल’ के जयघोष के साथ वारकरी भक्ति में लीन दिखाई दिए। चंद्रभागा नदी के तट से लेकर विठ्ठल मंदिर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
20 से 25 किलोमीटर तक लगी श्रद्धालुओं की कतार
भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जानकारी के अनुसार, भक्तों की कतार करीब 20 से 25 किलोमीटर तक पहुंच गई। हजारों वारकरी और श्रद्धालु घंटों इंतजार करते हुए भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
चंद्रभागा नदी के तट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे पंढरपुर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की नजर
आषाढ़ी एकादशी के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पंढरपुर पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
पंढरपुर नगरी में हर ओर वारकरियों की टोलियां, भगवा पताकाएं और विठ्ठल नाम का जयघोष दिखाई दे रहा है। आषाढ़ी एकादशी के इस पावन अवसर पर पंढरपुर एक बार फिर महाराष्ट्र की भक्ति और वारकरी परंपरा का प्रमुख केंद्र बन गया है।
